अब गाड़ियां चलेगी 1 लीटर पेट्रोल में 176 KM जानें कैसे?

Now vehicles will run 176 KM in 1 liter of petrol, know how?

सोचिए अगर आपकी मोटरसाइकिल एक लीटर पेट्रोल में 176 किलोमीटर (176 KM in 1 liter of petrol) चले तो? क्या यह सपना है या हकीकत? प्रयागराज (इलाहाबाद) के रहने वाले शैलेंद्र सिंह गौर ने इस सपने को हकीकत बना दिया है। उनके बनाये सिक्स-स्ट्रोक इंजन ने ऑटोमोबाइल की दुनिया में क्रांतिकारी बदलाव का संकेत दिया है। इस इंजन को भारत सरकार से दो पेटेंट भी मिल गए हैं।

शैलेंद्र सिंह गौर और उनका जुनून

कहानी है कानपुर नगर के मूल निवासी और इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के एलुमनी शैलेंद्र सिंह गौर की। 1983 में उन्होंने B.Sc. (PCM) किया। जीवन में कई संघर्षों के बावजूद वे अपने जुंनून पर टिके रहे। शैलेंद्र ने अपनी रिसर्च को जिंदा रखने के लिए खेत, मकान और दुकान तक बेच दीं। अपने किराए के घर को ही प्रयोगशाला बना लिया। उन्होंने Motilal Nehru NIT, और IIT-BHU जैसी संस्थाओं में भी कुछ समय तक इंजन तकनीक की बारीकियाँ सीखी। दो दशक की मेहनत के बाद उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने सिक्स-स्ट्रोक इंजन तैयार किया।

सिक्स स्ट्रोक इंजन क्या है?

सिक्स-स्ट्रोक इंजन पारंपरिक फोर स्ट्रोक इंजनों से अलग है। सामान्य इंजन चार चरणों (इंटेक, कंप्रेशन, पावर, एग्जॉस्ट) में काम करता है। लेकिन सिक्स-स्ट्रोक इंजन इसमें दो और प्रक्रियाएं जोड़ता है जिससे यह ज़्यादा ऊर्जा का इस्तेमाल करता है और कम फ्यूल की ज़रूरत पड़ती है। इसमें दो पावर स्ट्रोक्स होते हैं, जिससे गाड़ी डबल पावर और बेहतर माइलेज देती है। यह इंजन पेट्रोल, डीजल, CNG, एथेनॉल समेत सभी तरह के फ्यूल पर चल सकता है और छोटे वाहनों से लेकर बड़े जहाजों तक इस्तेमाल हो सकता है।

इंजन का टेस्ट और परिणाम

शैलेंद्र गौर ने इस तकनीक का परीक्षण एक 100CC TVS मोटरसाइकिल (2017 मॉडल) पर किया। 50 मिली पेट्रोल में बाइक 35 मिनट तक चालू रही और 176 किमी/लीटर का शानदार माइलेज मिला। यही बाइक पुराने इंजन पर मात्र 12.40 मिनट तक ही चलती थी। नया सिक्स स्ट्रोक इंजन पुराने मुकाबले लगभग तीन गुना ज्यादा दक्ष है तथा लगभग 70% ऊर्जा का उपयोग करने में सक्षम है। एक लाइव टीवी डेमो में उनकी बाइक ने एक लीटर पेट्रोल में 120 किमी दौड़ लगाई थी।

भारत सरकार से मिले पेटेंट

शैलेंद्र सिंह गौर की यह तकनीक इतनी नवीनतम है कि भारत सरकार ने इसके दो पेटेंट दिए हैं, और कुछ अन्य प्रक्रियाधीन हैं। अब गौर चाहते हैं कि कोई ऑटोमोबाइल कंपनी या निवेशक आगे आएं ताकि इस इंजन को आम लोगों की गाड़ियों तक पहुंचाया जा सके।

क्यों खास है यह सिक्स स्ट्रोक इंजन?

इस इंजन की खासियतें:

  • लगभग 70% ऊर्जा का उपयोग (पारंपरिक इंजनों में सामान्यतः 30-35%)
  • तीन गुना बढ़ी दक्षता
  • माइलेज में जबर्दस्त बढ़ोतरी
  • सभी फ्यूल टाइप्स पर काम करने की क्षमता
  • पर्यावरण में प्रदूषण बेहद कम (कार्बन मोनोऑक्साइड वगैरह नगण्य मात्रा में)
  • टिकाऊ और सस्ता रखरखाव

सिक्स स्ट्रोक इंजन का सिद्धांत

कैसे काम करता है?

  • इसमें कुल 6 स्ट्रोक होते हैं:
  1. Intake (इंटेक)
  2. Compression (कंप्रेशन)
  3. Power (पावर)
  4. Exhaust (एग्जॉस्ट)
  5. दूसरा इंटेक (पानी/अतिरिक्त गैस)
  6. दूसरा पावर स्ट्रोक (सेकंडरी एक्सपेंशन)
  • अतिरिक्त स्ट्रोक इंजन में पानी या अतिरिक्त हवा का इंटेक करते हैं, जिससे कूलिंग होती है और टेम्परेचर तथा प्रदूषण दोनों घटता है।
  • इन खास स्टेप्स से इंजन की एफिशिएंसी और माइलेज काफी ऊपर उठती है।

फायदे

  • ईंधन की बचत: पारंपरिक फोर स्ट्रोक इंजन से 40% तक ज्यादा माइलेज।
  • पावर में वृद्धि: लगभग 35% ज्यादा पावर।
  • प्रदूषण में भारी कमी: CO, HC, NOx गैसें काफी कम निकलती हैं।
  • मैकेनिकल लॉस कम: इंजन के भाग हल्के व सिंपल।
  • ओवरहीटिंग का खतरा कम।
  • मेन्टेनेन्स खर्च कम।

नुकसान

  • कुछ बड़े वाहन इंजनों में यह तकनीक अभी पूरी तरह इंटीग्रेट नहीं की गई है।
  • मौजूदा फोर स्ट्रोक इंजन को सिक्स स्ट्रोक में बदलने के लिए मेजर मॉडिफिकेशन चाहिए।
  • शुरुआती समय में निर्माण लागत थोड़ा ज्यादा हो सकता है।

कहां-कहां हो सकता है इस्तेमाल?

  • मोटरसाइकल, स्कूटर, आटो रिक्शा
  • कार, बस, ट्रक
  • बोट, पोत (शिपिंग)
  • जेनरेटर, एग्रीकल्चर उपकरण

पर्यावरण के लिए वरदान

सिक्स स्ट्रोक इंजन का सबसे बड़ा फायदा है – प्रदूषण में जबरदस्त कमी। कम उत्सर्जन, कम शोर, और कम ग्रीनहाउस गैसें – सब इसके डिज़ाइन की वजह से हैं। यही कारण है कि यह टेक्नोलॉजी भविष्य में इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड के साथ टिकाऊ ऑटोमोबाइल का मजबूत विकल्प बन सकती है।

भविष्य की उम्मीदे

शैलेंद्र सिंह गौर की यह उपलब्धि पूरे भारत और खासकर उत्तर प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। इस तकनीक के कमर्शियलाइज होने के बाद एक नया फ्यूल एफिशिएंट भारत बन सकता है। ऑटोमोबाइल कंपनियों और सरकार को चाहिए कि ऐसी इनोवेशन को प्रोत्साहन दें। इसमें आम आदमी को कम कीमत में ज्यादा माइलेज और स्वच्छ वातावरण दोनों मिलेंगे।

FAQ

सिक्स स्ट्रोक इंजन क्या है?

सिक्स स्ट्रोक इंजन पारंपरिक फोर स्ट्रोक इंजन से बेहतर है जिसमें कुल 6 स्ट्रोक होते हैं। यह 2 अतिरिक्त स्ट्रोक की वजह से ज्यादा ऊर्जा और कम ईंधन में ज्यादा माइलेज देता है।

1 लीटर पेट्रोल में बाइक सच में 176 किलोमीटर चल सकती है?

प्रयागराज के शैलेंद्र गौर ने साबित किया है कि उनकी 100CC बाइक 1 लीटर पेट्रोल में 176 किलोमीटर चली। इसका लाइव डेमो, पेट्रोल और अन्य फ्यूल पर भी किया गया है।

क्या यह इंजन डीजल, CNG, एथेनॉल पर भी चलेगा?

हां, इस इंजन को सभी प्रकार के फ्यूल पर इस्तेमाल किया जा सकता है जैसे पेट्रोल, डीजल, CNG, एथेनॉल।

क्या आम आदमी को यह इंजन जल्दी मिल सकेगा?

अभी यह तकनीक पेटेंट के बाद कंपनियों का इंतजार कर रही है। यदि कोई ऑटोमोबाइल कंपनी या निवेशक इसमें इन्वेस्ट करता है तो आम लोगों तक यह जल्द पहुंच सकता है।

क्या सिक्स स्ट्रोक इंजन से प्रदूषण कम होगा?

 हां, यह इंजन पर्यावरण के लिए बेहद अच्छा है क्योंकि इससे निकलने वाले कार्बन और दूसरी हानिकारक गैसें लगभग नगण्य होती हैं।

मौजूदा गाड़ियों में इसे फिट किया जा सकता है?

शैलेंद्र सिंह गौर का यह दावा है कि सिक्स स्ट्रोक इंजन को लगभग हर फ्यूल चलित वाहन (बाइक, कार, ट्रक, बस, शिप) में फिट किया जा सकता है।

क्या सरकार से कोई मदद मिली है?

तकनीक को दो पेटेंट भारतीय सरकार द्वारा दिए जा चुके हैं; शैलेंद्र गौर को प्रोडक्शन के लिए सरकारी या प्राइवेट पार्टनर की जरूरत है।

Shailendra Kumar Singh Gaur LinkedIn Profile:

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